tripura me ghumne ki jagah – त्रिपुरा भारत के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित सुंदर सांस्कृतिक रूप से संबंधित राज्य है यह भारत के 7 पूर्वी राज्यों में से एक है यहां का प्राकृतिक शानदार संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर इसे और खास बनाती है त्रिपुरा की राजधानी अगरतला है और त्रिपुरा की स्थापना 21 जनवरी 1972 को हुई थी यहां पर बोली जाने वाली भाषा बांग्ला और अंग्रेजी है त्रिपुरा की जनसंख्या लगभग 40 लाख है त्रिपुरा की प्रमुख नदियों में गोमती नदी प्रमुख है त्रिपुरा हरे भरे जंगल झीलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है यहां की जलवायु संत होती है और इसे टूरिस्टो के लिए खास बनाती है अगर आपको त्रिपुरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको हमारा आर्टिकल त्रिपुरा में घूमने की जगह आखिर तक पढ़ना चाहिए क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको tripura me ghumne ki jagah के बारे में विस्तार से बताएंगे
🏞️ 1. ऊनाकोटी (Unakoti) – tripura me ghumne ki jagah
ऊनाकोटी त्रिपुरा भारत में स्थित एक ऐतिहासिक और खूबसूरत जगह है जो अपनी विशाल चट्टानों में उकेरी गई मूर्तियों और नक्काशीय के लिए प्रसिद्ध है इसे उत्तर पूर्व का अंगकोर कहा जाता है यह टूरिस्ट घूमने के लिए बड़ी मात्रा में आते हैं एक करोड़ से एक कम देवी देवताओं की मूर्ति को इस पर पर बनाया गया है यहां पर आपको सबसे बड़ी मूर्ति भगवान शिव की देखने को मिलती है जो 30 मिनट चट्टान पर बनाई गई है अगर आप त्रिपुरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
🏰 2. उज्जयंता पैलेस (Ujjayanta Palace)
उज्जयंता पैलेस त्रिपुरा की राजधानी और अगरतला में स्थित एक शानदार महल है जो माणिक बन्स के समय विरासत को दर्शाता है यहां टूरिस्ट स्थल इतिहास प्रेमियों के लिए खास है 1899 से 1901 में महाराज के द्वारा इसे बनवाया गया है इसका नाम रविंद्र नाथ टैगोर ने उज्जयंता रखा जो उसके वैभव को दर्शाता है 2013 में त्रिपुरा संग्रहालय के रूप में कन्वर्ट कर दिया गया जिसमें यहां पर आपको माणिक वंश के संस्कृत सिक्के मूर्तियां उत्तर पूर्व की कला देखने को मिलती है यह स्थान अगरतला शहर के केंद्र में स्थित है और लगभग दो एकड़ में फैला हुआ है सुबह 10:00 बजे से शाम बजे 5:00 बजे तक खुला रहता है अगर आप त्रिपुरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए
🕌 3. त्रिपुरा सुंदरी मंदिर – tripura me ghumne ki jagah
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर त्रिपुरा के उदयपुर जिले में स्थित एक प्रमुख शक्तिपीठ है और हिंदू तीर्थ स्थल है यह अपनी ऐतिहासिक संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है यह भारत के पानी के बीच बने महलो में से एक और माना जाता है की देवी सती का दाया पैर यहां पर गिरा था 1501 में महाराज द्वारा निर्मित मंदिर का नाम त्रिपुरा राज्य के नामकरण का आधार भी माना जाता है बंगाली वास्तु कला का यह मंदिर देखने में काफी ज्यादा खूबसूरत है यह स्थान अगरतला से लगभग 55 किलोमीटर दूर है अगर आप त्रिपुरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
🏞️ 4. नीरमहल (Neermahal) – tripura me ghumne ki jagah
नीरमहल त्रिपुरा में है जो दूधसागर झील के बीच स्थित एक शानदार जल महल है जिसे पूर्वोत्तर का ताजमहल भी कहा जाता है यह टूरिस्ट इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन स्थान है 1930 में महाराज वीर विक्रम किशोर मानिक द्वारा इसे बनाया गया है यह मानिक वंश का ग्रीष्मकालीन निवास था इसका नाम नीरमहल इसके जल के बीच होने के कारण पड़ा हिंदू और मुगल शैली का यहां पर सुंदर मिस्रण देखने को मिलता है जो सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से बना यह महल दो भागों में पश्चिमी भाग पुरुषों के लिए और पूर्वी भाग महिलाओं के लिए हैं अगर आप त्रिपुरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए भी जरूर जाना चाहिए यह अगरतला से लगभग 53 किलोमीटर दूर है
🌄 5. जम्पुई हिल्स (Jampui Hills) – tripura me ghumne ki jagah
जम्पुई हिल्स त्रिपुरा का एक खूबसूरत स्थान है जिसे त्रिपुरा का दार्जिलिंग भी कहा जाता है और सदा वसंत की भूमि भी कहा जाता है अगर आप एक ऐसी जगह तलाश रहे है जो प्राकृतिक प्रीमियम ट्रैकिंग और शांति की तलाश करने वालों के लिए अच्छी हो तो आप इस जगह पर जा सकते हैं समुद्र तल से 3000 फीट की ऊंचाई पर यह हिल स्टेशन हरे भरे जंगलों और बगीचों और मिजोरम की सीमा के खूबसूरत बागानों के लिए जाना जाता है अगर आप त्रिपुरा जा रहे हैं तो आपको यह जगह घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
त्रिपुरा घूमने के लिए कब जाएं – tripura me ghumne ki jagah
अगर आप त्रिपुरा घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप अक्टूबर से मार्च के बीच त्रिपुरा जा सकते हैं क्योंकि इस समय यहां का मौसम ठंडा रहता है और टेंपरेचर 10 से 25 डिग्री के बीच रहता है इसके अलावा अप्रैल और जून में पब्लिक कम मिलती है लेकिन गर्मी काफी ज्यादा रहती है अप्रैल बारिश के मौसम में यानी की जुलाई से सितंबर के बीच आपको चारों तरफ हरी – भरी बदियां देखने को मिलती है लेकिन इस समय आपको लैंडस्लाइड का खतरा भी देखने को मिलता है इसलिए आप अपनी आवश्यकता अनुसार भी घूमने के लिए जा सकते हैं
निष्कर्ष – tripura me ghumne ki jagah
दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको त्रिपुरा के बारे में बताया है त्रिपुरा कैसा राज्य है त्रिपुरा में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह है और हमें त्रिपुरा कौन से मौसम में घूमने के लिए जाना चाहिए अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल त्रिपुरा में घूमने की जगह अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि हम त्रिपुरा में घूमने के लिए कब जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल tripura me ghumne ki jagah कैसा लगा धन्यवाद
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