assam me ghumne ki jagah – असम भारत के उत्तर पूर्व राज्यों में स्थित एक ऐसा राज्य जो अपनी हरी भरी वादियां चाय के बागानों और पॉपुलर वन जीवन के लिए प्रसिद्ध है यहां की सांस्कृतिक और विरासत पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है यहां का प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय लोगों की मेहमान नवाजी टूरिस्ट को अपनी और बार-बार आकर्षित करती है असम में वैसे तो कई सारे टूरिस्ट प्लेस है लेकिन अगर असं में घूमने के लिए जा रहे हैं तो हम आपके लिए कुछ पापुलर टूरिस्ट प्लेस के बारे में बताने बाले है जहां घूम कर आपको काफी मजा आने वाला है अगर आप असम में घूमने जा रहे हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ सकते हैं क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको assam me ghumne ki jagah सारी जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराएंगे
1. कामाख्या मंदिर असम – assam me ghumne ki jagah
कामाख्या मंदिर एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है जो असम राज्य के गुवाहाटी शहर के नीलांचल पहाड़ी पर स्थित है यह मंदिर देवी कामाख्या को समर्पित है जिन्हें मां दुर्गा का रूप माना जाता है यह मंदिर 51 शक्ति पीठ में से एक है और तांत्रिक परंपराओं के लिए यह मंदिर काफी ज्यादा प्रसिद्ध रहा है मानता है कि देवी शक्ति का योनि का भाग्य इस जगह पर गिरा था जब भगवान शिव ने उनके शरीर को लेकर तांडव किया था यह स्थान शक्ति की उर्वरता और सहजन शक्ति का प्रतीक माना जाता है मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया था यहां पर अंबुबाची मेले का आयोजन भी किया जाता है इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इस मेले में आते हैं दुर्गा पूजा के समय और नवरात्रि के समय पर यहां पर काफी संख्या में भक्त पूजा करने के लिए आते हैं मंदिर में कोई मूर्ति नहीं है बल्कि योनि कुंड की पूजा की जाती है अगर आप असम घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस मंदिर को देखने के लिए जरूर जाना चाहिए
2. काजीरंगा नेशनल पार्क असम – assam me ghumne ki jagah
काजीरंगा नेशनल पार्क भारत के असम राज्य में स्थित एक प्रमुख वन्य जीव नेशनल पार्क है और इसे विश्व हेरिटेज साइट का खिताब मिला है यह पार्क एक सिंह वाले गेंडा के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है और विश्व के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र में से यह स्थान एक माना जाता है यहां घास के मैदान दलदली भूमि और घने जंगल का अंगूठा संगम है जो कई जीबो और जातियों को असारा देता है इस पाठ की स्थापना सन 1905 में ब्रिटिश अदिकारी ने की थी राष्ट्रीय उद्यान घोषित होने के लिए इसे लगभग 69 वर्ष तक संघर्ष करना पड़ा और 1974 में इसे नेशनल पार्क घोषित कर दिया इसके बाद सन 1985 में इस विश्व हेरिटेज साइड का दर्जा प्राप्त हुआ यह लगभग 13 हज़ार किलोमीटर में फैला हुआ है यहां पर गेंदे का शिकार भी होता है जिसके कारण यहां पर काफी सख्त कानून भी बना हुआ है इसके अलावा आप यहां पर जीप सफारी और हाथी सफारी का भी मजा ले सकते हैं अगर आप असम घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस जगह देखने के लिए जरूर जाना चाहिए
3. माजुली द्वीप असम – assam me ghumne ki jagah
मंजूरी दीप भारत के असम राज्य में स्थित ब्रम्हा पुत्र नदी पर बना दुनिया का सबसे बड़ा नदी दीप है यह एक सांस्कृतिक प्राकृतिक और आध्यात्मिक का अनूठा संगम है सन 2016 में इसे असम का पहला जिला दीप घोषित किया गया था मांजुली अपने प्राकृतिक और वैष्णव संस्कृति के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है यहां पर 15वीं से 16वीं शताब्दी के बीच संत शंकर देव द्वारा स्थापित 22 मठ थे जिनमें से अभी 6 7 मठ सक्रिय बचे हुए हैं इसके अलावा इस दीप पर कई सारे उत्सव भी मनाए जाते हैं जिनमें रासलीला भगवान कृष्ण की लीलाओं को दर्शाता है यह उत्सव नवंबर में आयोजित किया जाता है जिसमें पारंपरिक नृत्य होती है यह क्षेत्रफल लगभग 500 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी के कट ऑफ के कारण यह लगातार सकड़ा होता जा रहा है अगर आप असम घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
4. सिवसागर असम – assam me ghumne ki jagah
शिवसागर भारत के असम राज्य में स्थित है ऐतिहासिक शहर है जो अपने प्राचीन स्मारकों विशाल तालाब और ओम साम्राज्य के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है यह शहर होम राजाओं की राजधानी और असम की सांस्कृतिक ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक भी माना जाता है शिव सागर का नाम शिव का सागर विशाल तालाब से लिया गया है जो यहां के मुख्य तालाब शिवसागर की विशालता को दर्शाता है एवं होम शासको ने सन 1228 से 1826 ई तक या शासन किया शिव सागर को अटल भी शताब्दी में राजा शिव सिंह ने अपनी राजधानी बनाया 600 वर्षों तक आयाम ने मुगलों और अन्य आक्रमणकारियों के खिलाफ असम की रक्षा की अगर आपस में घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
6. हाफलोंग: असम – assam me ghumne ki jagah
अगर आप असम घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको हाफलोंग घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए यह एकमात्र असम का हिल स्टेशन है इस पूर्व का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है क्योंकि यहां पर आपको कई सारे हरे भरे पेड़ और बादलों को छूते शिकार देखने को मिलते हैं यह स्थान अपनी जैव विविधता आदर्श आदिवासी संस्कृति और शांत वातावरण के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है यह समुद्र तल से लगभग 680 मीटर ऊपर है यहां पर गर्मियों के मौसम में भी काफी अच्छा मौसम रहता है और सर्दियों में यहां का मौसम काफी ज्यादा ठंडा रहता है अगर आप असम घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए जरूर जानी चाहिए और प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में यहां पर टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं
असम कब जाना चाहिए – assam me ghumne ki jagah
अगर आप असम जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप अक्टूबर से मार्च के बीच असम घूमने के लिए जा सकते हैं क्योंकि यहां का मौसम इस समय काफी अच्छा रहता है इसके अलावा आप बारिश में भी असम घूमने के लिए जा सकते हैं बारिश का मौसम भी असम में घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है लेकिन आप गर्मियों में घूमने से बच सकते हैं क्योंकि उस समय यहां पर गर्मी रहती है और गर्मी में घूमने में आपको काफी सारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है
निष्कर्ष – assam me ghumne ki jagah
दोस्तों जैसा कि आपने हमारे आर्टिकल में पढ़ा है असम के घूमने के बारे में अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि असम में घूमने के लिए आप कौन-कौन सी जगह पर जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल assam me ghumne ki jagah कैसा लगा धन्यवाद
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