gujarat me ghumne ki jagah – गुजरात भारत का एक प्रमुख राज्य है जो देश के पश्चिमी तट पर स्थित है यह राज्य अपनी संस्कृतिक व्यापारिक महत्व ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है गुजरात की सीमाएं राजस्थान मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और अरब सागर से लगते हैं गुजरात से समुद्र लगभग 1600 किलोमीटर तक कनेक्ट है जो इसे भारत का सबसे लंबा समुद्री तट वाला राज्य बनता है कच्छ का वर्णन जो एक विशाल नमक का मैदान है गुजरात का एक अनोखा आकर्षण का केंद्र है गुजरात का इतिहास का भी पुराना रहा है और लोथल में हड़प्पा सभ्यता के अवशेष भी यहां मिलते हैं इस प्राचीन सभ्यताओं का केंद्र बनते हैं
गुजरात व्यापार का बड़ा केंद्र रहा है और यहां से कई समुद्री मार्गों के जरिए विदेशों से संपर्क था महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था जिसके कारण स्वतंत्रता संग्राम में खास जगह मिली गुजरात मेहमान नवाजी के लिए जाना जाता है इसके अलावा गुजरात का खाना ढोकला फाफड़ा जैसे काफी प्रसिद्ध व्यंजन है गुजरात में घूमने के लिए कई सारी जगह हैं अगर आप घूमने के शौकीन है तो आप गुजरात घूमने के लिए जा सकते हैं गुजरात में आपको सोमनाथ मंदिर और द्वारका जैसे तीर्थ स्थान भी देखने को मिलते हैं अगर आप घूमने की सोच रहे हैं और गुजरात के बारे में और विस्तार से जानना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ सकते हैं क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको gujarat me ghumne ki jagah से संबंधित सारी जानकारी हिंदी में उपलब्ध कल आएंगे
1. अहमदाबाद (Ahmedabad) – gujarat me ghumne ki jagah
अहमदाबाद गुजरात का सबसे बड़ा शहर और भारत का एक औद्योगिक केंद्र है यह साबरमती के तट पर स्थित है और अपनी ऐतिहासिक धरोहर संस्कृति और तेजी से बढ़ते आधुनिक विकास के लिए या जाना जाता है 2017 में यूनेस्को ने इसे भारत का पहला विश्व हेरिटेज साइड घोषित किया था अहमदाबाद की स्थापना 1411 में सुल्तान अहमद शाह ने की थी जिसके नाम पर इसका नाम अहमदाबाद पड़ा पहले यह असवाल के नाम से जाना जाता था मुगल काल में यह कपड़ा व्यापार का केंद्र था जिसके कारण इसे मैनचेस्टर आफ इंडिया कहा गया महात्मा गांधी ने 1935 में साबरमती आश्रम की स्थापना की थी जो स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण केंद्र बना अहमदाबाद की संस्कृति गुजराती परंपराओं से होते हैं यहां नवरात्रि में गरबा और डांडिया की धूम रहती है गुजराती खाना जैसे ढोकला फाफड़ा यहां की पहचान है यहां पर आपको बहुत कुछ देखने को लिए मिल जाएगी साबरमती आश्रम गांधी जी का निवास काकरिया झील साबरमती देवर फ्रेंड अक्षरधाम मंदिर आदि
2. सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) – gujarat me ghumne ki jagah
सोमनाथ मंदिर गुजरात के प्रभास पाटन में अरब सागर के तट पर स्थित भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में से पहले ज्योतिर्लिंग है यह भगवान शिव को समर्पित है और हिंदू धर्म में इसका अत्यधिक महत्व है यह मंदिर आस्था इतिहास और वास्तु कला का प्रतीक है पुराणों के अनुसार सोमनाथ मंदिर का मूल स्वरूप चंद्र देव ने स्वर्ण से बनवाया था सोमनाथ मंदिर का इतिहास दुखद रहा है यह मंदिर अपनी संपत्ति के कारण बार-बार आक्रमण कार्यों का शिकार बना सन 1026 में महमूद गजनबी ने इस लूट और थोड़ा इसके बाद कई बार पुनर निर्मित किया गया मुगल काल में भी इसे नुकसान पहुंचा आज का मंदिर 1951 में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से बना जिसका उद्घाटन डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने किया था मंदिर का भव्य स्वरूप बहुत आकर्षण है यह सफेद संगमरमर से निर्मित है इसमें तीन मुख्य भाग है गर्भ ग्रह मंदिर में तीन टाइम आती होती है और महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यह भक्तों की भरी भीड़ रहती है अगर आप गुजरात घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए जरूर जाना चाहिए
3. द्वारका (Dwarka) – gujarat me ghumne ki jagah
द्वारका भगवान कृष्ण की नगरी थी अभी के समय में गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में गोमती नदी और अरब सागर के तट पर स्थित है हिंदू धार्मिक के अनुसार भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में द्वाराका प्रसिद्ध थी जिन्होंने मथुरा छोड़ने के बाद यहां अपना राज्य स्थापित किया था भगवान कृष्ण वाली द्वारका तो अब समुद्र में डूब गई है लेकिन अभी भी कई सारी टापू है जिन्हें द्वारका कहा जाता है द्वारका का इतिहास प्राचीन और रहस्यमयरा है पुरातत्व विभाग ने इसे लगभग 2000 इसे पूर्ण खोजा था समुद्र के नीचे मिले खंडरो में डूबी हुई द्वारका माना जाता है जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं यहां का मुख्य मंदिर द्वारकाधीश मंदिर बार-बार पुनर्निर्माण के बाद भी अपनी महिमा बरकरार रखे हुए हैं यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है और चार तुल्य शैली से बना हुआ है इसका 72 खम्मा वाला 5 मंजिला ढांचा और 43 मीटर ऊंचा शिकार मंदिर में कृष्ण की काले पत्थर की मूर्ति द्वारकाधीश के रूप में विराजमान है जहां सुबह शाम की आरती देखने लायक है
4. कच्छ का रण (Rann of Kutch) – gujarat me ghumne ki jagah
अगर आप सफेद रेगिस्तान देखना चाहते हैं तो कच्छ घूमने के लिए जाएं गुजरात के कच्छ जिले में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा नमक रेगिस्तान है जो लगभग 26000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है यह रेगिस्तान का हिस्सा दो भागों में बटा है यह अपनी अनोखी सफेद नमकीन जमीन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है इसका कुछ हिस्सा भारत में और कुछ हिस्सा पाकिस्तान के सिंध में फैला है कच्छ का रडार कभी अरब सागर का हिस्सा था लेकिन भुसावर की बदलावों के कारण यह नमक का रेगिस्तान बन गया 1819 के भूकंप में इसकी संरचना को और प्रभावित किया मानसून में यह पानी भर जाता है और एक विशाल झील बन जाता है सर्दियों में पानी सूखने पर यह चमकदार सफेद रेगिस्तान में बदल जाता है 1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच याह विवाद हुआ जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय दबाब से 90% हिस्सा भारत को मिला कच्छ का राँड़ हर साल रण उत्सव नवंबर से फरवरी के लिए मनाया जाता है जो गुजरात टूरिस्ट विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है अगर आप घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए जरूर जाना चाहिए
5. सापुतारा (Saputara) – gujarat me ghumne ki jagah
सापुतारा गुजरात का एकमात्र रेलवे स्टेशन है जो डींग जिले में पश्चिमी तट की पर्वत पर है यह 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यहां सांपों का निवास प्रसिद्ध है यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता घने जंगलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है यह गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा के पास बसा है जो इसे टूरिस्ट के लिए अपनी और आकर्षित करते हैं सापुतारा चारों ओर से हरे भरे जंगली पहाड़ी से घिरा है यहां की ठंडी हवा और शांत वातावरण से शोर और भीड़भाड़ से दूर एक खूबसूरत जगह बनाते हैं अगर आप घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस जगह पर घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
निष्कर्ष – gujarat me ghumne ki jagah
दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको गुजरात में घूमने के बारे में बताया है गुजरात में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह हैं और गुजरात घूमने के लिए आपको कब जाना चाहिए अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि आप गुजरात में घूमने के लिए कौन से महीने में जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल gujarat me ghumne ki jagah कैसा लगा धन्यवाद








